पति की चेतावनी के बाद पत्नी का दूसरे पुरुष को गुप्त कॉल करना वैवाहिक क्रूरता: केरल हाईकोर्ट

तोड़ुपुझा फैमिली कोर्ट ने पति को तलाक के लिए मंजूरी देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद पति ने आदेश के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की थी.
 सुनवाई के दौरान अदालत में अक्टूबर 2012 और जुलाई 2013 के बीच के कॉल रिकॉर्ड्स प्रस्तुत किए गए. इस मामले में पत्नी का कहना था कि उन्होंने कुछ मौकों पर ही कार्यालय से जुड़े कामों के लिए कॉल किए हैं. जिसपर अदालत ने कहा कि कॉल कई बार और अजीब समय पर भी हुए हैं. उदाहरण के लिए 28 फरवरी 2013 को महिला ने सुबह 10.40 बजे और रात 10.55 के बीच 10 बार कॉल किए हैं, जिनमें से पांच मिस्ड कॉल थे.

 केरल उच्च न्यायालय (Kerala High Court) में तलाक से जुड़ी एक अपील पर सुनवाई हुई. मामले में कोर्ट ने जोड़े को तलाक (Divorce) की अनुमति दी और कहा कि पति के आपत्ति उठाने के बाद भी दूसरे पुरुष को गुप्त रूप से कॉल करना वैवाहिक क्रूरता के बराबर है. तलाक याचिका में पति ने आरोप लगाए थे कि शादी से पहले उनकी पत्नी के एक अधिकारी के साथ अवैध संबंध थे, जो शादी के बाद भी बने रहे.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, तोड़ुपुझा फैमिली कोर्ट ने पति को तलाक के लिए मंजूरी देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद पति ने आदेश के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की थी. दोनों की शादी मई 2006 में हुई थी और दंपति कुरुप्पमपडी स्थित पति के घर पर रह रहा था. पत्नी अस्थाई कर्मचारी के रूप तोड़ुपुझा स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में काम कर रही थी.

 

सुनवाई के दौरान अदालत में अक्टूबर 2012 और जुलाई 2013 के बीच के कॉल रिकॉर्ड्स प्रस्तुत किए गए. इस मामले में पत्नी का कहना था कि उन्होंने कुछ मौकों पर ही कार्यालय से जुड़े कामों के लिए कॉल किए हैं. जिसपर अदालत ने कहा कि कॉल कई बार और अजीब समय पर भी हुए हैं. उदाहरण के लिए 28 फरवरी 2013 को महिला ने सुबह 10.40 बजे और रात 10.55 के बीच 10 बार कॉल किए हैं, जिनमें से पांच मिस्ड कॉल थे. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यह शायद व्यभिचार साबित करने के लिए पर्याप्त न हो, सवाल यह उठता है कि यह वैवाहिक क्रूरता है या नहीं.

पति की चेतावनी के बाद पत्नी का दूसरे पुरुष को गुप्त कॉल करना वैवाहिक क्रूरता: केरल हाईकोर्ट

कोर्ट ने पति को तलाक की अनुमति दी और कहा, ‘यह दिखाता है कि दूसरे प्रतिवादी के साथ टेलीफोन पर बातचीत पर पति के सवाल उठाए जाने के बाद भी और उसके यह जानने के बाद भी कि पति को इस तरह के टेलीफोन कॉल पसंद नहीं है, उसने लगभग सभी दिनों और एक दिन में कई बार दूसरे प्रतिवादी के साथ टेलीफोन पर बातचीत जारी रखी. यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि सबूत के दौरान पत्नी ने बताया कि वे दूसरे प्रतिवादी को कुछ दिन ही कॉल करती थी. हालांकि, दस्तावेजी सबूत कुछ और साबित करते हैं. पति की तरफ से दी गई चेतावनी की अवहेलना करते हुए पत्नी का किसी और पुरुष को लगातार और वह भी अजीब समय पर गुप्त कॉल करना वैवाहिक क्रूरता के बराबर है.’