ग्वालियर: नाबालिग के साथ गैंगरेप करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

ग्वालियर। विशेष न्यायाधीश, तरूण सिंह, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 द्वारा विशाल रावत पुत्र प्रकाश रावत, आयु- लगभग 25 वर्ष, निवासी-रामपुर जरी का कुआ, डबरा, ग्वालियर एवं शाहिद खान पुत्र फरीद खान, आयु- लगभग 28 वर्ष, निवासी-इंदिरा काॅलोनी पिछोरों की पहाड़ी, कंपू, ग्वालियर को धारा-376डीए भा.द.सं. के अधीन आजीवन कारावास तथा 50,000- 50,000/- (पचास-पचास हजार) रुपए का अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए प्रकरण की पैरवी करने वाले सहायक जिला अभियोजन अधिकारी आशीष कुमार राठौर एवं नैन्सी गोयल ने बताया कि दिनांक 28.10.2020 को अभियोक्त्री का उसकी माता (अ.सा.3) के साथ घर के कामकाज को लेकर बहस हो गई थी जिस कारण वह शाम अपने घर से निकलकर बहोड़ापुर आ गई। बहोड़ापुर से वह टैक्सी से डी.डी. माँल गई। उसे चिड़ियाघर के सामने उसे दो लड़के मिले जो उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ आनंद नगर स्थित आशीष होटल में जबरदस्ती लेकर गए। होटल ले जाने के पूर्व उन लड़कों ने अभियोक्त्री को पावभाजी खिलाई थी। कमरे में ले जाकर उन लड़कों ने उसके साथ रात भर जबरदस्ती गलत काम किया। उन लड़कों को वह पूर्व से नहीं पहचानती थी। अगले दिन सुबह के लगभग 8 बजे उसे होटल के पास रोड़ के किनारे लेकर गए और तभी वहां उनका एक साथी आ गया। उन दोनों लड़कों ने अभियोक्त्री को उस लड़के के साथ जबरदस्ती होटल पहुंचा दिया।

दिन के लगभग 1 बजे होटल में उस लड़के ने उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया। फिर वह लड़का उसे बहोड़ापुर तिराहे पर छोड़कर चला गया। होटल में ले जाने के पूर्व तीसरे लड़के ने उसे बिरयानी खिलाई थी जिससे उसे चक्कर आने लगे थे। रात्रि में जिन लड़कों ने उसके साथ गलत काम किया था वे आपस में आशु नाम ले रहे थे और उन्होंने भी पावभाजी में कुछ डाल दिया था जिससे उसे चक्कर आ रहे थे। बहोड़ापुर तिराहे पर अभियोक्त्री के माता-पिता उसे मिल गए थे जिनके साथ वह थाने आई थी।

अभियोक्त्री द्वारा धारा 164 द.प्र.स. के कथनों में बताया की अभियुक्तगण के द्व़ारा घटना के समय घटना की वीडियों बनाई थी और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई थी। विवेचना के दौरान अभियुक्त विशाल, आशीष एवं शाहिद को गिरफ्तार किया गया। अभियोक्तगण से मोबाईल फोन पुलिस द्वारा जप्त किया गया जिसे पुलिस द्वारा जाँच हेतु साईबर फोरंसिक लेब भोपाल भेजा गया जिसकी रिपोर्ट से अभियोक्त्री के साथ बलात्कार किये जाने की पुष्टि हुई है। अभियोक्त्री द्व़ारा अभियुक्तगण की केन्द्रीय जेल में शिनाख्ती कार्यवाही में पहचान सुनिश्चत की गई।

विवेचना के दौरान अभियोक्त्री की चिकित्सा परीक्षण कराया गया। क्षेत्रिय विज्ञान प्रयोगशाला ग्वालियर की रिपोर्ट में अभियोक्त्री के घटना के दौरान पहने हुए कपडो पर मानव शुक्राणु पाये जाने की पुष्टि हुई। डीएनए रिपोर्ट से अभियुक्तगण द्वारा अभियोक्त्री के साथ बलात्कार किये जाने की पुष्टि हुई थी। प्रकरण में माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोक्त्री, उसके माता-पिता के द्वारा पक्षद्रोही कथन दिये गये।

अभियुक्त आशीष शर्मा उर्फ आशु निर्णय दिनांक को अनुपस्थित होने पर न्यायालय द्वारा अभियुक्त आशीष को फरार घोषित कर शेष आरोपीगण के विरूद्ध निर्णय पारित किया गया।
संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोक्त्री, उसके माता-पिता के द्वारा पक्षद्रोही कथन दिये गये परन्तु माननीय न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होकर आरोपी को सजा सुनाई।