एक्टिव मोड में सरकार: 89 दिन बाद कल होगी मोहन कैबिनेट की बैठक, नए फैसलों के साथ बारिश के पहले मंजूर होंगे करोड़ों के प्रोजेक्ट

भोपाल। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के साथ ही सरकार एक्टिव मोड में आ गई है। प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए 89 दिन बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट बैठक मंगलवार को करने वाले हैं जिसके लिए एजेंडा फाइनल करने का काम चल रहा है। इसमें करीब दो दर्जन एजेंडों चर्चा में लाए जाने की संभावना है। कैबिनेट बैठक में जल संंसाधन, लोक निर्माण विभाग, नगरीय विकास और आवास विभाग समेत अन्य विभागों के करोड़ों रुपए नए प्रोजेक्ट मंजूर करने और पूर्व में रुके व अटके प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए सहमति दी जाएगी।
मोहन कैबिनेट की पिछली बैठक 14 मार्च को हुई थी। इस बैठक में खासतौर पर चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन, केन बेतवा परियोजना के लिए 24 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी और पर्वतमाला योजना के अंतर्गत प्रदेश के कई जिलों में रोपवे शुरू करने का फैसला किया गया था। इसके बाद अब 89 दिनों के उपरांत पहली बैठक होने वाली है। इधर चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद प्रदेश में अगले मंगलवार से जिलों में कलेक्टर कार्यालय में होने वाली जनसुनवाई भी शुरू हो जाएगी। जीएडी (सामान्य प्रशासन विभाग) अब इसे फिर से शुरू करने का आदेश एक दो दिनों में जारी करेगा। राज्य सरकार प्रदेश में जल संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है। इस पर भी आने वाले दिनों में कुछ और फैसले हो सकते हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनके मंत्री अभी तक जनता के हित में लागू की जाने वाली नई योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर पा रहे थे। अब नई योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा भी की जा सकेगी।
खुल सकता है तबादला पर से बैन
मोहन कैबिनेट की बैठकों में प्रदेश में 15 दिन या अधिक समय के लिए तबादलों पर बैन भी हट सकता है। इसमें जिला और राज्य स्तर पर कर्मचारियों के तबादले मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय की सहमति से किए जा सकेंगे। इसके अलावा मंत्रियों को प्रभार के जिले सौंपने और एसीएस व एडीजी स्तर के अफसरों द्वारा की जाने वाली संभागीय समीक्षा बैठकों व उनकी रिपोर्ट पर कार्यवाही भी तेज हो सकेगी।
नए निर्माण कार्य होंगे चालू
अब नए निर्माण कार्य भी शुरू किए जा सकते हैं। इसी माह 15 जून से मानसून सक्रिय हो जाएगा, इसलिए सरकार अब बारिश के पहले होने वाले काम तेज करेगी। खासतौर सडक़ों को बनाने का काम लोक निर्माण विभाग, नगरीय विकास और आवास विभाग तथा एमपीआरडीसी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अफसर शुरू कर सकेंगे। इसके लिए अब चुनाव आयोग से परमिशन लेने की बंदिश खत्म हो गई है। बारिश के पहले उखड़ी सडक़ों का पुनर्निर्माण, रखरखाव तथा नई सडक़ों को बनाने का काम किया जाएगा। बजट के काम में तेजी आएगी। विधानसभा सचिवालय पहले ही एक जुलाई से मानसून का ऐलान कर चुका है जो 19 जुलाई तक चलेगा।
बजट और प्रशासनिक सर्जरी पर भी फोकस
सरकार का वर्तमान फोकस प्रदेश के नए वित्त बजट को लेकर रहेगा जो जुलाई के पहले हफ्ते में विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके लिए अब मुख्यमंत्री के साथ विभागीय मंत्री भी विभाग प्रमुखों से साथ बैठकें शुरू करेंगे। वहीं प्रदेश में आईएएस, आईपीएस अफसरों की नई जमावट भी की जाएगी। इसके लिए कई अधिकारियों ने नाम तय भी कर लिए गए हैं।