बिजली कंपनी का कारनामा: रायरू रेलवे स्टेशन ने 9 माह पहले दिए थे बिजली कंपनी को 30 लाख, फिर भी नहीं मिल रही 24 घंटे बिजली

 

एक माह में 3 करोड़ का राजस्व देने वाला रायरू स्टेशन पर देहात क्षेत्र के हिसाब से दी जा रही है सप्लाई
गर्मी में परेशान हो रहा है रेलवे का स्टॉफ और ढाई सौ श्रमिक

राजेश शुक्ला, बायलाइन24.कॉम। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अपने नए-नए कारनामों से चर्चा में रहती है। कभी एक हजार रुपए का बिल ड्यू रहने पर बिजली कनेक्शन काट देती है तो कभी आकलित खपत के नाम पर हजारों रुपए का बिल देकर टेंशन देती है। नया मामला यह है कि रायरू रेलवे स्टेशन पर अभी ग्रामीण क्षेत्र के हिसाब से बिजली दी जा रही है। जबकि यहां लोडिंग का काम दिन-रात चलता है। थोड़ी से आंधी या अन्य कारणों से बिजली चली जाती है तो रेलवे रायरू का समूचा स्टॉफ घंटों देर तक बिजली आने का इंतजार करता है। इससे कई महत्वपूर्ण कार्य डिले हो जाते हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए रेलवे ने शहरी आपूर्ति में 24 घंटे बिजली की सप्लाई के लिए अलग से थ्री फेस की लाइन डलवाने के लिए बकायदा एस्टीमेेट बनाकर बिजली कंपनी को दिया था। उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले रायरू स्टेशन ने 14 सितंबर 2020 को मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, ग्वालियर को रेलवे के बैंक खाते से बिजली कंपनी के खाते में एनईएफटी के जरिए 28 लाख, 45 हजार 675 रुपए का भुगतान किया था। लेकिन बिजली कंपनी का कमाल देखिए वह लाखों रुपए लेकर शहरी आपूर्ति की लाइन के जरिए सप्लाई देना भूल गई। 9 माह से रायरू का स्टॉफ बिजली सप्लाई को लेकर कई बार अधिकारियों से बात कर चुका है, लेकिन अब तक अलग से लाइन नहीं दी गई है।

बायलाइन24.कॉम को रेलवे के सीनियर अधिकारी ने नाम न देने की शर्त पर बताया कि रायरू स्टेशन पर सिविल की लाइट की सप्लाई रायरू स्टेशन पर समय-समय पर नहीं आ रही है तूफान या आंधी आने पर लाइट चली जाती है। इस विषय पर कई बार एमपीईबी के अधिकारियों से बात लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। रायरू स्टेशन पर माल उतराई और लोडिंग का कार्य होता है। बिजली की समस्या के साथ-साथ स्टेशन पर 250 श्रमिकों को पानी की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। 3 फेस की मोटर होने के साथ एक फेस मिलता है जिसके कारण मोटर नहीं चल पा रही है तो पानी की समस्या लाइट की वजह से उत्पन्न हो रही है। जबकि रायरू स्टेशन पर इस मंथ रेक लोडिंग में रेलवे ने 3 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। जबकि स्टेशन के नजदीक ही एचपीसीएल, आईओसीएल एवं बीपीसीएल तेल की कंपनी में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। बिजली अधिकारियों का रवैया हमारी समझ से परे हैं।

 

बड़ी ही हैरत की बात है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने भी रायरू रेलवे स्टेशन पर बिजली समस्या को लेकर कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। इस बाबत श्री तोमर से बायलाइन24.कॉम ने संपर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन हो न सका।

 

मैं वर्क आर्डर आज ही भिजवा देता हूं। कल इसकी पूरी जानकारी लेकर आपको बताता हूं।
ज्ञानदेव शर्मा
वरिष्ठ अधिकारी, मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ,ग्वालियर

 

आपने मेरे संज्ञान में यह प्रकरण लाया है। यह बेहद ही गंभीर है। मैं संबंधित विभाग से इसकी पूरी जानकारी लेता हूं कि पैसे जमा होने के बाद भी रायरू स्टेशन पर शहरी आपूर्ति क्यों नहीं की गई है।
मनोज कुमार
पीआरओ उत्तर मध्य रेलवे,झांसी

23 Replies to “बिजली कंपनी का कारनामा: रायरू रेलवे स्टेशन ने 9 माह पहले दिए थे बिजली कंपनी को 30 लाख, फिर भी नहीं मिल रही 24 घंटे बिजली”

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